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MOM and Resolutions

Welcome To Y4S



1. Two days National workshop of Students and Youth was concluded successfully at New Delhi under the mentorship of Prof Anand Kumar on 03/04/2016. There was a general consensus among the participants of the workshop that a new organization for students & Youth is need of the hour.

2. It was decided that a National Convention be called on August 09, 2016 for announcement of new organization and adoption of its constitution.

3. Post workshop Organizing committee for the convention met first time on April 03, 2016 and following agenda have been discussed and decided as follows:

 I. Organizing committee will be the apex body that will take all the decisions under the mentorship of Prof Anand Kumar regarding the National Convention of Students and Youth on August 09, 2016.

 II. It was decided that Mr. Manish Kumar will coordinate with other members of the committee and will act as POC for secretariat. Mr. Dharmendra and Akash have shown keen interest in building the secretariat.

 III. It was decided that a strong communication network (e.g. email group, WhatsApp group etc.) will be developed within a week time.

 IV. It was decided that a memorandum will be presented to VCs of universities for implementation of UGC guidelines on equity in Education on 14th April, 2016.

 V. It was decided that under the guidance of Prof. Anand Kumar a committee will be formed that will work on the vision documents, mission statement and constitution for the future organization. Once the draft will be prepared, it shall be shared with members of organizing committee for further consultation and suggestions.

 VI. It was decided that by the end of April, 2016 a state preparatory committee will be formed for National Convention of Students and Youth on August 09, 2016.

 VII. It was decided that by the end of April, 2016 POCs in at least 100 universities will be identified.

 VIII. It was decided that Mr. Manish Kumar will arrange a weekly conference-call for the Organising Committee members to assesses and discuss the development in this regard.


संकल्प पत्र
03 अप्रैल 2016, साई मंदिर, नई दिल्लीI

स्वराज अभियान ने दिल्ली में अप्रैल 2-3 को छात्र और युवाओं के राष्ट्रीय शिविर का आयोजन किया। दो दिन चले शिविर में पहले दिन छात्र युवा राजनीति और विचारधारा से जुड़े वैचारिक सवालों पर मंथन हुआ। अगले दिन अप्रैल 3 को सांगठनिक रूपरेखा पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो आनंद कुमार, राष्ट्रिय महासचिव अजित झा, प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव की उपस्थिति में देश भर से आये युवाओं ने ये फैसला लिया कि स्वराज अभियान छात्रों और युवाओं का एक राष्ट्रव्यापी संगठन बनाएगा।

चर्चा से यह सहमति बनी कि युवाओं और छात्रों के लिए एक ही संगठन हो, ना कि दो अलग अलग संगठन।

संगठन की विधिवत घोषणा के लिए 9 अगस्त, 2016 को एक राष्ट्रीय युवा सम्मलेन के आयोजन का निर्णय हुआ।

9 आगत के सम्मलेन के लिए एक राष्ट्रीय तैयारी समिति का गठन किया गया।

संकल्प लिया गया कि कम से कम 100 विश्वविद्यालय परिसरों से 9 अगस्त के राष्ट्रीय सम्मलेन में टीम आये।

पालमपुर के सम्भावना इंस्टिच्यूट में 25 जून से 1 जुलाई तक एक राष्ट्रीय शिविर के आयोजन का भी संकल्प लिया गया।

Minutes of the brain storming session on Shiksha Swaraj held on 04, September 2015 at N D Tiwari Bhavan, New Delhi.

Brain storming session on Shiksha Swaraj was held on 04, September 2015 at N D Tiwari Bhavan, New Delhi. It concluded that system of Education has failed the country in multiple ways like:

- Lack of employable skills in literate youth;

- Lack of equal opportunity in education;

- Poor quality of education;

- Academic content that neither appropriate nor appreciates our rich cultural and intellectual heritage.

It was also concluded in the meeting that there is an urgent need to launch a Shiksha Swaraj Andolan, a movement to demand a comprehensive and systematic overhauling of structure of education. There was a broad consensus that this movement shall focus on the following issues:-

A. The Judgment of Allahabad High Court making it mandatory for people’s representative and government employees to send their children to government funded primary schools should be implemented across country.

B. Effective implementation of Right to Education for children from economically weaker sections of society and reserving 25% seats for such children in all private schools.

C. Organized reform to end fraud and corruption in admission to professional higher educational institutions and recruitment scams in public sector jobs.

The following 3-C action plan was decided upon in the meeting:-

A. Consultation: A consultation with experts in the field and activists usingdraft paper circulated in the meeting as basis.

B. Camps: Organizing camps for select students and youth who would like to be associated with Siksha swaraj andolan.

C. Convention: One day national convention for encouraging participation and involvement of students, young teachers and parents for this purpose. Beofre that several state leval conventions are to be organised.

शिक्षा स्वराज: संकल्प पत्र
3 नवंबर 2015, CCI, नई दिल्लीI

सबके लिये, सहज-सुलभ, सामान और सार्थक शिक्षा के लिये एक नये आन्दोलन का

संकल्प देश के अलग –अलग कोने से इस युवा सम्मलेन में भाग लेने आए हम सब विद्यार्थी, युवजन, शिक्षक और अभिवाहक आज देश की शिक्षा व्यवस्था में अविश्वास व्यक्त करते हुए एक नयी व्यवस्था के निर्माण के लिए शिक्षा स्वराज आन्दोलन की अनिवार्यता को स्वीकार करते हैI

हमें आज़ादी के आन्दोलन से औपनिवेशिक, भेदभावपूर्ण शिक्षा की जगह एक नया आदर्श मिला था – सबको शिक्षा, सामान शिक्षा, सार्थक शिक्षाI लेकिन पिछले 68 साल में इस सपने को झुठला दिया गयाI

आज कागज पर “शिक्षा का अधिकार” नामक कानून के बावजूद यह व्यवस्था हमारी नयी पीढ़ी के बहुसंख्यक बच्चों की शैक्षणिक हत्या करती हैI देश के एक-तिहाई बच्चे पांचवी कक्षा के पार नहीं जा पाते और सिर्फ 21 फीसदी युवजन किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी के दरवाजे तक पहुच पाते हैंI अवसरों की समानता की जगह शिक्षा के अवसर पैसो वालों के लिये आरक्षित कर दिए गए हैंI भाषाई रंगभेद के चलते सभी भारतीय भाषाओँ के साथ भेदभाव हो रहा हैI यह शिक्षा न तो ज्ञान दे पा रही है ना ही रोजगारI उलटे यह व्यवस्था हमें अपनी वैचारिक संपदा और सांस्कृतिक परम्पराओं से कटती है, अपने परिवेश और जरूरतों से दूर करती हैI इस वयवस्था को हम नामंजूर करते हैI

यह सम्मलेन एक ऐसी वैकल्पिक शिक्षा वयवस्था का संकल्प लेता है जिसमें -

• हर बच्चे को शिक्षा की सुविधा सहज-सुलभ होI

• कोई बच्चा पैसे या अवसरों की कमी से शिक्षा के अवसरों से वंचित न रहेI

• गरीब, गाँव के जाति और धर्मलड़ के आधार पर नयी पीढ़ी और लड़कियों को बराबर खड़ा करने की लिये विशेष अवसर मिलेंI

• भारतीय भाषाओं में शिक्षा के सर्वोच्च अवसर मिलेंI अंग्रेजी सिखने का मौका हर विद्यार्थी को मिले, लेकिन अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा को थोपा नहीं जायI

• राष्ट्रीय पाठ्यचर्चा रुपरेखा (NCF-2005) के अनुरूप शिक्षा का पाठ्यक्रम हमारे परिवेश से जुड़ा हो, हमारी वैचारिक परम्पराओं और सांस्कृतिक विरासत की समझ पैदा करे, सवाल पूछने और उत्तर खोजने का साहस पैदा करेंI

• शिक्षा मुनाफा कमाने का धंधा न रहे बल्कि एक सुन्दर देश और दुनिया बनाने का औजार बनेI

इस सन्दर्भ में हमें हाल की कुछ घटनाओं पर ध्यान देना चाहेंगे-

1. हाल में इलाहाबाद उच्च-न्यायालयने देश में सभी सरकारी कर्मचारियों, अधिकारीयों और जनप्रतिनिधियों के लिए अपने अपने बच्चों के सरकारी प्रथिमिक स्कूलों में पढ़ाने की अनिवार्यता का ऐतिहासिक फैसला सुनाया हैI इस फैसले का स्वागत करते हुए हम मांग करते है कि यह सिद्धान्त पूरे देश पर लागू होI

2. देश के अलग–अलग इलाकों में निजी स्कूलों और कॉलेजों की फीसों पर लगाम लगाने के आंदोलनों का हम समर्थन करते हैI

3. शिक्षा का अधिकार कक्षा 8 से बढ़ाकर कक्षा 12 तक किया जायेI

4. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा ऍम.फिल/पी.एच.डी. के लिये ‘नॉन-नेट’ छात्रवृति को बंद करने का फैसला हमें नामंजूर हैI हम इसके विरोध में छात्र आन्दोलन का समर्थन करते है और मांग करते है कि उच्च शिक्षा में छात्रवृत्तियों की ऐसी व्यवस्था हो कि कोई छात्र/छात्रा साधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न होI

5. मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले ने पुरे देश में सरकारी नौकरीयों की लूट और एडमिशन में धांधली की ओर ध्यान खींचा हैI हम इन घोटालों के विरुद्ध सभी संघर्षो का समर्थन करते हुए इस सवाल पर जनांदोलन शुरु करने का संकल्प लेते हैंI

हम पूरी तरह वाकिफ है कि एक वैकल्पिक शिक्षा वयवस्था सिर्फ सुझाव, तर्क और अनुनय-विनय से नहीं होगाI आज की व्यवस्था से बाजारीकरण का निहित स्वार्थ हावी हैI इसे तोड़ने के लिए विद्यार्थी, युवजन, शिक्षकों और अभिवाहकों को मिलकर एक जनांदोलन खड़ा करना होगाI

इस ऐतिहासिक सम्मलेन में आए हम सब मिलकर सबको, सहज-सुलभ, समान और सार्थक शिक्षा का नया आन्दोलन खड़ा करने का संकल्प लेते हैंI

युवा-हल्लाबोल का देश की सरकारों को अल्टिमेटम
27 जनवरी, 2019, Constitution Club of India, नई दिल्ली

आज 27 जनवरी को दिल्ली की यूथ-समिट में आए हम सब साथी इस देश के युवाओं के सपनों और संघर्ष को आवाज़ देने के लिए एकजुट हुए हैं। "युवा-हल्लाबोल" हमारा शंखनाद है।

हम हल्ला बोलेंगे बेरोजगारी की जड़ पर। भारत का भविष्य आज राष्ट्रनिर्माण में सार्थक योगदान करने की बजाय बेकार बैठने के लिए अभिशप्त है। शिक्षित बेरोज़गारी दर 16% है। सालाना एक करोड़ नौकरी का वादा करने वाली सरकार ने रोज़गार सृजन करना तो दूर, अकेले 2018 में एक करोड़ से ज़्यादा नौकरियां ख़त्म कर दीं हैं। सरकारी विभागों में ही कम से कम 24,00,000 पद खाली पड़े हैं। लेकिन भर्ती की बजाए सरकार पदों को ख़त्म कर रही है। बेरोजगारी को खत्म करने की बजाय सरकार रोज़गार के आंकड़ों को ही खत्म कर रही है। जॉब देने कि बजाय युवाओं को पकौड़े जैसे जुमले दिए गए हैं।

हम हल्ला बोलेंगे नौकरियों की भ्रष्ट चयन व्यवस्था पर। एसएससी, यूपीएससी, रेलवे भर्ती, शिक्षक, सिपाही भर्ती से लेकर अलग अलग राज्यों के चयन आयोगों तक हर जगह बेरोज़गार युवाओं को छला जा रहा है। नौकरी का विज्ञापन नहीं आता, और आ भी जाए तो परीक्षा करवाने में ही सालों साल लगा दिए जाते हैं। अगर परीक्षा हो तो पेपर लीक की घटनाएं इतनी आम हो गयी हैं कि इनकी ख़बर भी नहीं बनती। लगभग हर भर्ती परीक्षा में छात्रों को नेताओं, अफ़सरों, मीडियावालों और वकीलों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। क़िस्मत से परीक्षा होकर यदि परिणाम आ जाए तो फिर नियुक्ति देने में भी बेमतलब देरी की जाती है। सिस्टम के इसी रवैय्ये से पीड़ित युवाओं द्वारा अब आत्महत्या की दुखद ख़बरें भी आने लगी हैं।

हम हल्ला बोलेंगे लोकतांत्रिक व्यवस्था के तंत्र पर। इतना कुछ होने के बाद अगर हम लोकतांत्रिक ढंग से प्रदर्शन करें तो असंवेदनशील सरकारें न तो सुनती है, न ही संवाद करती है। अगर कुछ करती भी है तो जॉब मांगने वालों को लाठी डंडे और तरह तरह के जुमले देती है। हम इस देश के सत्ताधारियों को साफ साफ कहना चाहते हैं: हमें "जॉब चाहिए, जुमला नहीं!"

युवा-हल्लाबोल सिर्फ नकारात्मक नहीं, एक सकारात्मक पहल है। हम बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ सिर्फ़ शोर नहीं मचा रहे, बल्कि समस्या के समाधान के लिए सुझाव भी दे रहे हैं। इस यूथ-समिट के माध्यम से हम सभी युवा समूहों की मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं। रोज़गार के अवसर और ईमानदार परीक्षा प्रणाली से संबंधित मांगों के अलावा हमने एक "मॉडल एग्ज़ाम कोड" बनाया है जिसको लागू कर दिया जाए तो कोई भी भर्ती प्रक्रिया 9 महीने में पूरी हो सकती है। युवा-हल्लाबोला का कहना है "मॉडल कोड लागू करो, 9 महीने में नौकरी दो!" हम मांग करते हैं कि बेरोज़गारी को "राष्ट्रीय आपदा" घोषित किया जाए और इसे सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाकर उन सुझावों को लागू किया जाय जो हम इस यूथ समिट के माध्यम से पेश कर रहे हैं।

अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम हल्ला बोलेंगे राजनैतिक पार्टियों और नेताओं पर। हमारी मांगों के प्रति अब तक असंवेदनशील रही केंद्र और राज्य सरकारों को हम एक अंतिम मौका दे रहे हैं। हम सरकार में बैठे रहनुमाओं को एक महीने का अल्टीमेटम देते हैं। चाहे केंद्र में हो या राज्यों में, हम हर उस सरकार के ख़िलाफ़ हल्ला बोलेंगे जो 27 फरवरी तक हमारी मांगों पर कार्यवाई नहीं करती। चूंकि पार्टियां और नेता सिर्फ वोट की भाषा सुनते हैं, इसलिए हमे भी अपनी बात इसी भाषा में सुनानी पड़ेगी। इस लोक सभा चुनाव में देश के युवा यह सुनिश्चित करेंगे कि देश के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली कोई भी युवा विरोधी पार्टी किसी भी स्तर पर सरकार में न हो।

यह युवा समिट देश में चल रहे अन्य ऐसे सभी अभियानों और प्रयासों का समर्थन करती है और देश भर के युवाओं से आव्हान करती है कि वो आगामी 27 फरवरी से एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए तैयारी करें।